मध्य प्रदेश में मकान मालिकों के लिए चेतावनी: घर में रहकर अपराध कर सकते हैं अपराधी
भोपाल में अपराधी अब किराए के घरों में रहकर अपराध कर रहे हैं। पुलिस वैरिफिकेशन न होने से कई बड़ी घटनाओं में किरायेदार आरोपी पाए गए हैं। अब मकान मालिकों के लिए ऑनलाइन वैरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।
भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी, में अपराधियों ने अपना modus operandi बदल लिया है। अब वे किराए के घरों में रहकर अपराध कर रहे हैं, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। हाल ही में एक 5 साल की बच्ची के साथ हुई रेप और हत्या के मामले में आरोपी भी किराए के घर में रह रहा था। आरोपी और उसके परिवार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस जांच में सामने आया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने पिछले महीने सभी किरायेदारों और कर्मचारियों का वैरिफिकेशन कराने के आदेश दिए थे। निजी संस्थानों और स्कूलों को भी अपने कर्मचारियों का पुलिस वैरिफिकेशन कराने की सलाह दी गई है। अगर मकान मालिक किसी कोताही में पाए गए, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष लगभग 15,000 किरायेदारों और 226 नौकरों का डेटा पुलिस के पास है, जो कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
डीसीपी शुक्ला: अब ऑनलाइन किया जा सकेगा किरायेदारों का वैरिफिकेशन
डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि भोपाल में निजी मकानों में रहने वाले किरायेदारों और संस्थानों के कर्मचारियों का पुलिस वैरिफिकेशन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुलिस रिकॉर्ड में इनका विवरण रखना है, ताकि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। पुलिस वैरिफिकेशन के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं है; यह प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संपन्न होगी। शहर में बड़ी संख्या में होस्टल, पीजी और रेंटल अपार्टमेंट हैं, जहां लगभग एक लाख किरायेदार रहने का अनुमान है। आदेश का पालन न करने वाले प्रॉपर्टी ऑनर्स पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किरायेदार बदमाशों का खौफ: भोपाल में हुईं बड़ी आपराधिक घटनाएं
भोपाल में मासूम बच्ची के साथ हुई रेप और हत्या की घटना के अलावा कई अन्य अपराधों में भी किराए पर रहने वाले आरोपी शामिल हैं। भेल क्षेत्र में अगस्त में हुए रेप के मामले में दो महिलाएं शामिल थीं, जो अवैध रूप से प्रॉपर्टी किराए पर दे रही थीं। इसी तरह, बागसेवनिया में एक ज्वेलर से कट्टा लगाकर लूट करने वाले आरोपी भी किराए पर रह रहे थे। दो महीने पहले एक दुष्कर्म की घटना में आरोपी ने कमरा किराए पर लेकर अपराध किया। दिल्ली में फर्जी बैंक अधिकारी भी किराए के मकान में पकड़ाए, जिन्होंने भोपाल के लोगों को ठगा। इन सभी मामलों में आरोपियों का पुलिस वैरिफिकेशन नहीं होने से स्थिति चिंताजनक बन गई है।
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