कटघोरा में बिचौलियों पर शिकंजा: तीन गोदामों पर छापा, 250 बोरी अवैध धान जब्त
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले कोरबा जिला प्रशासन ने कटघोरा में तीन ठिकानों पर छापा मारकर 250 बोरी मोटा धान जब्त किया। आशंका है कि बिचौलिए किसानों के नाम पर धान खपाने के लिए पहले से भंडारण कर रहे थे। मामले में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
कटघोरा (कोरबा)। धान खरीदी का सीजन शुरू होने से ठीक पहले कोरबा जिला प्रशासन ने बिचौलियों और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ मुहिम तेज कर दी है। कटघोरा में उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने एक साथ तीन ठिकानों पर दबिश देकर कुल 250 बोरी मोटा धान जब्त किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे के मार्गदर्शन में की गई।
किस ठिकाने से कितना धान मिला
जांच टीम ने तीनों जगहों पर रखे धान का भौतिक सत्यापन किया और भंडारण से जुड़े दस्तावेज मांगे। जब्ती का ब्योरा इस प्रकार है:
| ठिकाना | जब्त धान |
|---|---|
| दिलीप अग्रवाल का गोदाम | 75 बोरी |
| यतीश जायसवाल का गोदाम सह मकान | 50 बोरी |
| पवन अग्रवाल का गोदाम | 125 बोरी |
| कुल | 250 बोरी |
खरीदी से पहले ही क्यों हो रही सख्ती
जिले में 15 नवंबर से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होनी है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ बिचौलिए खुले बाजार से सस्ता धान खरीदकर पहले से जमा कर रहे हैं, ताकि खरीदी शुरू होते ही उसे किसानों के नाम और पंजीयन के सहारे उपार्जन केंद्रों में खपाया जा सके। ऐसा होने पर समर्थन मूल्य का लाभ असली किसान के बजाय बिचौलियों की जेब में जाता है और केंद्रों पर वास्तविक किसानों की बारी भी पिछड़ जाती है।
इसी को रोकने के लिए गोदामों, व्यापारिक ठिकानों और धान के परिवहन पर नजर रखने का अभियान चलाया जा रहा है। कटघोरा की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है, और अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी।
मंडी अधिनियम के तहत होगी आगे की कार्रवाई
जब्त धान के मामले में मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि धान का अवैध भंडारण, बिना वैध दस्तावेज परिवहन या खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
छापे की कार्रवाई में कटघोरा तहसीलदार सूर्य प्रकाश केसकर, मंडी सचिव नारायण पटेल, मंडी सब इंस्पेक्टर आकाश भारद्वाज और दिनेश कुमार शामिल रहे।
किसान इन बातों का रखें ध्यान
- समर्थन मूल्य पर धान केवल पंजीकृत किसानों से ही खरीदा जाएगा। खरीदी शुरू होने से पहले अपना पंजीयन और रकबे की जानकारी सही होने की जांच कर लें।
- अपने नाम, पंजीयन या बैंक खाते का उपयोग किसी दूसरे व्यक्ति को धान बेचने के लिए न करने दें। ऐसा करने पर किसान भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
- उपार्जन केंद्र पर धान बेचने के लिए टोकन की व्यवस्था का पालन करें और केवल अपनी उपज ही लेकर जाएं।
- गांव या कस्बे में संदिग्ध रूप से बड़ी मात्रा में धान जमा होने या बाहर से धान लाए जाने की जानकारी तहसील कार्यालय या मंडी कार्यालय को दें।
(फीचर फोटो प्रतीकात्मक है और AI से बनाई गई है।)
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