15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के नजदीकी केके श्रीवास्तव की जमानत याचिका खारिज
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव की 15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। श्रीवास्तव पर ठेका दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव की 15 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस की अदालत में इस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें श्रीवास्तव ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से बचने के लिए जमानत मांगी थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए श्रीवास्तव को बड़ा झटका दिया।
केके श्रीवास्तव, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं, पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को 500 करोड़ रुपये का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये ठगे। रावत एसोसिएट्स के मालिक अर्जुन रावत ने 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच यह रकम श्रीवास्तव को दी थी, लेकिन कंपनी को कोई ठेका नहीं मिला, जिससे ठगी का मामला उजागर हुआ। इसके बाद रायपुर के तेलीबांधा थाने में श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने श्रीवास्तव और उनकी पत्नी कंचन श्रीवास्तव को फरार घोषित कर दिया है, साथ ही श्रीवास्तव पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिससे उनके लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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